हरियाणा : हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज पंचकूला में आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। यह कार्यक्रम ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और ‘स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट’ द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढालना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना होना चाहिए जो नवाचार (Innovation) और उद्यमिता (Entrepreneurship) की दिशा में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से अपील की कि वे अपने पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग, नई तकनीकों और रोजगार के अवसरों के अनुसार अपडेट करें। उनका कहना था कि अगर शिक्षा प्रणाली व्यावहारिक और कौशल-आधारित होगी, तो इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि वे खुद भी रोजगार सृजक बन सकेंगे।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि हरियाणा तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में कुशल मानव संसाधन की जरूरत और भी बढ़ जाती है। उन्होंने संस्थानों को उद्योगों के साथ साझेदारी बढ़ाने और इंटर्नशिप, ट्रेनिंग तथा रिसर्च को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने भी शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वही राज्य आगे बढ़ेंगे, जहां शिक्षा प्रणाली लचीली, आधुनिक और रोजगारोन्मुख होगी। यह कार्यक्रम हरियाणा में शिक्षा सुधार और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य के युवाओं को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
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